मकर राशि 2022 चमत्कारी परिवर्तन

 https://m-hindi.webdunia.com/lal-kitab/lal-kitab-ke-totke-for-makar-rashi-110020800019_1.html.......

________________________

Hello guys !!

मैं धर्मेंद्र श्यामसुंदर महाजन खुद मकर राशि का जातक हु और अगर आप भी मकर राशि के जातक हो तो ये पोस्ट खास आपके लिए है ।

जो शनि महाराज हमारी मकर राशि के प्रधान (गुरु) है उनका हमारी राशि मकर पर साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा था ।

आपको बता दू के अभी वर्तमान में (29 अप्रैल) शनिदेव ने मकर राशि में अपना दूसरा चरण (२.५साल) पूरा किया है और 29 अप्रैल को मकर राशि में शनि का दूसरा चरण पूर्ण हो गया है !

ध्यान देने वाली बात ये है कि शनिदेव किसी भी राशि में 2.5 साल तक रहते है और ऐसा 3 बार करते है अर्थात किसी राशि में 7.5 साल में इनका चक्र पूरा होता है ।

ओर में ये बात आपको अभी अगस्त महीने में क्यों बता रहा हु उसके पीछे का भाव समझे :

शनि देव को पापों का दंड देने वाला देवता माना जाता है और शनिदेव किसी भी राशि में विचरण करके उस राशि विशेष के जातकों को कर्म फल देते है और ये दंड देने की प्रक्रिया को शनिदेव अपने 2 चरणों (5 साल ) मैं ही पूरा कर देते है ।

अर्थात तीसरे चरण में शनिदेव जातक को अपने पापों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करते है ।

जिसको शनि की साढ़े साती लगी है उसको 5 साल तक जीवन में अत्यधिक उठापटक का सामना करना पड़ता है क्यू की शनिदेव ही मनुष्य को उसके कर्मों का फल देते है तत्पश्चात उस जातक को पुनः अपनी गलती सुधारने का 1 मौका भी देते है ।

तो अब आप समझ गए होंगे  इस पोस्ट की खास बात को के मकर राशि में अप्रैल के बाद से शनिदेव का तीसरा 2.5 साल का अंतिम चरण शुरू हो गया है तथा पिछले कई सालों से अनेक कारणों से जूझ रहे मकर राशि के जातकों का मंगल समय आरंभ हो गया है।

आपको इस अच्छे समय की प्रतीति शायद थोड़ी विलंब से हो (6/12 महीने ) किंतु अगर आप दशा महादशा में विश्वास रखते है तो आपको मई 2022 से ही अच्छे वक्त की किरण दिख गई होगी।

मेरे कहने का तात्पर्य ये है की शनिदेव के दंड की वजह से पिछले कुछ वर्षो से मकर राशि के जातकों में जीवन , काम , व्यवसाय आदि अनेक क्षेत्रों में आत्मविश्वास की कमी और असफलता का सामना करना पड़ा होगा । बार बार असफल होने की वजह से जातक का आत्मविश्वास तो काम हुआ ही साथ ही साथ आर्थिक रूप से कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा होगा। 

मैं ये बिलकुल भी नही कह रहा की मकर राशि के हर जातक के साथ ऐसा हुआ होगा या सबके साथ 1 ही बात लागू होती है आदि । मेरे कथन का तात्पर्य यह है की पिछले कुछ वर्षो से मेरे जीवन का स्तर क्रमशः गिरता ही जा रहा था । यानी कि 2013 से 2016 एवम 2017 जून तक में अपने कैरियर के चरम पर था आर्थिक और सामाजिक दोनो तौर पर ।

में ये स्पष्ट कर दू के मेरा जन्म 1994 में हुआ अर्थात 2022 में मेरी उम्र 28 साल के करीब है।

हा तो में ये बता रहा था कि 2012 से 2017 तक मैने खूब नाम कमाया साथ ही पैसा और इज्जत भी । आपको जानकर ताज्जुब होगा की उस वक्त में ज्योतिष शास्त्र दशा लाल किताब राशि आदि में विश्वास नहीं रखता था बल्कि मेरा विश्वास मेरी योग्यता के बूते पर था और ये बात इस समय में काफी हद तक मेरे लिए सकारात्मक भी साबित हुई थी । उस समय मेरा बिजनेस अच्छा grow कर रहा था साथ ही मेरे पिता को भी मेरी वजह से समाज में इज्जत मिलने लगी थी जिस इज्जत को शायद वो पिछले कई सालों से परोपकार करके ढूंढ रहे थे ।

लेकिन !!!!!

फिर आगमन हुआ शनिदेव का 

सारी चीजे 1-1 कर के बिखरने लगी । जिस व्यवसाय क्षेत्र में मुझे महारथ हासिल थी अब वो धीरे धीरे खतम हो रहा था ।

पहले 2 साल तक तो मैने हिम्मत नही हारी और उसको बचाने को हर संभव कोसिसे की । इन कोशिशों के कारण मेरी सारी जमा पूंजी  भी चली गई।

फिर कुछ अच्छा महसूस करने वाला समय आया मार्च 2017 मैं जब मेरी सगाई की बात चली।

में आज तक ये नही समझ पाया कि अनेको लड़कियों ने मुझे पाने को तमाम कोशिशें की लेकिन मेरी दिलचस्पी शुरू से ही जोरू और जरा में थी ही नहीं अर्थात शुरू से ही मुझे बस पैसे कमाने और खुद को साबित करने का ही पैशन था ना कि लड़कियों का।

लेकिन उस लड़की को तस्वीर जिस तरह दिल मैं बसी उस अहसास को मैं आज भी वैसा का वैसा महसूस कर सकता हु। वैसे वो दिखने में कोई हूर या अप्सरा तो नही थी लेकिन मैने आज तक अप्सरा को देखा नही है और कोई मुझे अप्सरा का प्रतिबिंब बनाने को कहे तो में अपनी उस पत्नी को समक्ष बैठकर वो प्रतिबिंब बनाने की खूबसूरत कोशिश करूंगा ।

तो मेरे कहने का ये मतलब था की में पैसे के अलावा किसी चीज में यकीन नही रखता था और भूत भविष्य को बातो को भी सिरे से नकारता था ।

2017 में मेरी सगाई हुई और दिसंबर 2022 को शादी होना तय हुआ। पिछले 2 वर्षो से शनिदेव की लीला की वजह से थोड़ा परेशान हुआ था जिसका गम इस नए शादीनुमा तोहफ़े ने भर दिया । तथा मुझे लगने लगा कि अब सबकुछ ठीक होने वाला है।

लेकिन नही !!! कुछ ठीक नही हुआ । अप्रैल 2017 मेरे ऊपर एनडीपीसी एक्ट के तहत मुकदमा हुआ और मुझे जेल जाना पड़ा। किंतु कुछ ही समय में और काफी मोटी रकम के भार से मैं जल्दी ही जेल से बाहर आ गया।

किंतु अब मुझे उन सभी बातो पर यकीन होने लगा था की दशा महादशा ज्योतिष ग्रह नक्षत्र आदि सभी चीजे भी वैसे ही प्रत्यक्ष है जैसे को आईने के सामने खड़े हम ।

तब मैंने इस बारे मैं अनुसंधान शुरू किया और पाया कि शनिदेव स्वयं मकर यानी कि अपनी निज राशि में विराजमान है और वो 2022 तक अपने 2 चरण पूर्ण करेंगे ।

मैं आपको पहले ही अवगत करा चुका हु के पहले और दूसरे चरण में कुल 5 वर्षो मैं शनिदेव हमे हमारे कर्मों का फल दंडस्वरूप देते है किंतु तीसरे चरण मैं शनिदेव अपनी दया प्रवृत्ति को दिखाते हुए एक मौका भी देते है। 

तो खुशी की बात यह है की मकर राशि के मेरे भाई , बहने  माताएं , ओर खासतौर पर जवानी का पहला पड़ाव पार कर चुके मेरे हमउम्र (26-36) साल की अवस्था वाले और आत्मविश्वास को पिछले वर्षो में जिन्होंने खो दिया हो वह वर्ग अब वापस उठ जाओ तुम्हारा वक्त आ गया है । खुद की कीमत और योग्यता को पहचानो और फिर से एक बार खुद को नया जीवन प्रदान करो ।

पिछले कुछ वर्षो से तुमने अनेकों कष्टो का सामना किया होगा आपके हर मेहनती प्रयास में भी आपको असफलता ही हाथ लगी होगी लेकिन अब वक्त तुम्हारा है । अपनी पिछली हार को एक बड़ी जीत की सीढ़ी का स्तंभ समझो और आगे बढ़ो ।

मैने खुद इस सुखद समय को महसूस किया है ।

मैं आपको 1 बार अपने जीवन का पिछले 10 वर्षो का 1 खाका (ब्योरा) देकर समझाना चाहूंगा कि कैसे ग्रहों नक्षत्रों की चाल से एक असाधारण व्यापारी जिसके पास विलक्षण बुद्धि थी उसको भी कुछ वर्षो तक अस्वाभाविक रुकावटो का सामना करना पड़ा था ।

मेरे 28 साल के जीवन का ब्योरा कुछ इस प्रकार है  :-

2011 - इस वर्ष मैने अपनी बाहरवी की पढ़ाई पूरी की ।

2012– इस वर्ष मैने एक किराना और जनरल स्टोर खोला                  अपने ही गांव में क्युकी मेरे परिवार की आर्थिक                      स्थिति अन्य महाजन ( बनिया , साहोकार ) की                      तुलना मैं निम्न थी । इस दुकान को शुरू करने मैं मेरे                बहनोई ने मेरी काफी मदद की थी ।

2013 – देखते ही देखते मेरा 3 लाख में शुरू किया गया                      व्यापार केवल कुछ ही महीनों मैं 12 लाख से भी                     अधिक का हो गया । ओर अब हमारा परिवार भी                   महाजन समाज की मुख्यधारा मैं आ गया ।

2015 – अगले 2 वर्षो में जैसा मैंने पहले बताया कि में अपने              करियर के चरम पर था अब हमारे पास अच्छी गाड़ी                और सुविधाओ युक्त घर था । समाज में इज्जत ,                     खोखला पावर आदि भी थे ।

           ओर 2016 के बाद 

2017 – मुझे जेल जाना पड़ा जिसके कारण करीबन 9 लाख              रुपए मेरी बैल कराने में व्यय हुए । हालांकि यह काम              एक से 2 लाख में भी हो सकता था किंतु हमारा                    समय  ही शायद अनुकूल नहीं था अन्यथा किसी का                भी दोष नही है ।

2018 – मेरे पिता का स्वास्थ्य बिगड़ा और ऐसा बिगड़ा की                  आज भी मनोचिकित्सक के बताए अनुसार रोजाना                उनको दवाइया लेनी होती है।

2019 – सबस दुखद साल यह था । नशे से कोसो दूर भागने वाला मैं खुद नशे की गिरफ्त में आ गया और मैने शराब को हद से ज्यादा बदनाम करना शुरू कर दिया लिमिट से कही अधिक सेवन करके ।

2020– अब में एक पायदान ऊपर आ चुका था नशे की दुनिया में । अब शराब मुझे नशा देने में असमर्थ थी तो मैंने क्रमशः अफीम स्मैक आदि का पुरजोर से सेवन करना सुरु कर दिया। 

ओर में आपको खास बात बताना तो भूल ही गया की 2018 के बाद मेरे पास आय का कोई भी उचित साधन नही था ।

2021 – शायद  2021 में मैं इस दुनिया में exis ही नही करता था । ये पूरा साल मैने अपना दिमाग इसी चीज में लगाया की नशे हेतु पैसे का जुगाड़ कैसे किया जाए।

2022 – वर्तमान वर्ष इस वर्ष के स्टार्ट में मैं और भी बदतर हो गया । मैने ड्रग्स लेना शुरू कर दिया। जनवरी से जून तक मैने करीबन 5 लाख रुपए ड्रग्स में बर्बाद कर दिए ।

लेकिन जून के बाद से ही सब कुछ ठीक होने लगा । चीजे धीरे धीरे पुनः व्यस्थित होने लगी। मुझे अपने किए हालत कर्मों पे पछतावा होने लगा तब मेरी पत्नी ने मुझे देवाधिदेव महादेव की शरण में जाने की सलाह दी।। मैने ठीक वैसा ही किया।। आज में अगर यह लाइन बोलूं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी की में अपने भोलेनाथ के साथ होता हु और मेरा उनसे प्रत्यक्ष वार्तालाप भी होता है और उन्होंने मुझे पश्चाताप के मार्ग प्रशस्त किए तथा मुझे अपने विराट रूप में विलीन किया।।

अंत में इतना कहना चाहूगा की आप में से कुछ को मेरी कहानी झूठी लग रही होगी किंतु आपकी जानकारी के लिए बता दू के में ना तो कोई ब्लॉगर हु ना ही कोई कहानीकार ।

मुझे बस मेरे जैसे ही कुछ भाईयो के मेरे समान ही दुख और कष्ट के दिन आए होंगे और इन दुखो से किसी भाई का जीने की तमन्ना ही खतम हो गई होगी अगर इन दुखी में से किसी 1 ने भी मेरा यह लेख पढ़ा और अपने जीवन को संवारा तो मैं अपना जीवन सार्थक मानूंगा ।।

 श्री शिवाय नमस्तुभायम 

सदाशिवम भजन्याहम 

जय शंकर ।। हर हर महादेव ।।।


संपर्क :– MO. – 9929940477 ( केवल जरूरी होने पर ही कॉल करे )

अगर वास्तव में कोई बदलना चाहता है तो मैं आपके साथ हु।।







Comments

Post a Comment